रचना की शादी एक अमीर भुक्कड़ परिवार में होती है, जहां उसे घर के कामों के लिए मजबूर किया जाता है। ससुराल के सदस्य उसकी मेहनत की कद्र नहीं करते और उसे बाजार भेजते हैं। अंततः, रचना अपने पति सतिश से अलग रहने का फैसला करती है, क्योंकि वह इस बर्ताव को सहन नहीं कर सकती।