आयकर और संयुक्त विकास समझौते पर चर्चा की गई है, जिसमें संपत्ति के हस्तांतरण और कराधान के पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। समझौते के पंजीकरण, स्वामित्व, और संपत्ति के कब्जे के समय करों की देयता पर विचार किया गया है। विभिन्न न्यायालयों के निर्णयों ने इस प्रक्रिया को स्पष्ट किया है।