श्री राम के अश्वमेध यज्ञ के दौरान भगवान शिव और राम के बीच भीषण युद्ध हुआ। राजा वीरमणी के पुत्रों और अयोध्या की सेना ने देवताओं के लिए कठिनाई उत्पन्न की। अंत में, भगवान शिव ने युद्ध को समाप्त करने की प्रार्थना सुनी और एक महान युद्ध छेड़ा, जिससे देवता भी भयभीत हो गए।