गुलाम-ए-मुस्तफा एक कहानी है जिसमें मुस्तफा नामक पात्र अपने इमानदारी के सिद्धांतों के लिए संघर्ष करता है। वह भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ खड़ा होता है, जबकि उसके जीवन में परिवार, प्यार और दोस्ती की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह फिल्म सामाजिक मुद्दों और व्यक्तिगत संघर्षों को दर्शाती है।