साल 0001 से पहले की दुनिया में समय की माप का कोई मानक नहीं था। लोग प्राकृतिक घटनाओं जैसे सूरज और चाँद की गति से समय का अनुमान लगाते थे। प्राचीन सभ्यताओं ने अपने-अपने कैलेंडर बनाए, जो आज भी हमारी संस्कृति में महत्वपूर्ण हैं। समय की यह अवधारणा अब भी हमारे जीवन में प्रासंगिक है।