पैरेलल यूनिवर्स के अस्तित्व पर वैज्ञानिकों की नई खोजें दर्शाती हैं कि हमारे जैसे कई संस्करण हो सकते हैं। ये संस्करण अलग-अलग परिस्थितियों में विकसित हो सकते हैं। क्वांटम यांत्रिकी के नियम बताते हैं कि हर संभव परिणाम एक समानांतर ब्रह्मांड में वास्तविकता बन सकता है। क्या हम कभी इन ब्रह्मांडों से मिल पाएंगे?